Wednesday, 16 September 2020

Ghost Story, भूतिया कहानी - सरपंच का डरावना घर

ये कहानी है राजेश की. राजेश एक होनहार लड़का है जो की कॉलेज में अच्छी पढाई करकर हर साल एग्जाम में अव्वल आता है.

राजेश को स्पोर्ट्स में काफी रूचि थी पर स्पोर्ट्स से भी ज्यादा उसे भूतिया कहानिया पढ़ने में, भूतिया फिल्म देखने में ज्यादा इंट्रेस था.

दिवाली का महीना नजदीक आ रहा था. राजेश के सभी दोस्त दिवाली के छुटियों में घूमने का प्लानिंग कर रहे थे. सभी दोस्तों ने अलीबाग में जाने का मन बना लिया, क्यों की अलीबाग एक ऐसी जगह थी जो की आसपास बहुत ही अच्छे अच्छे स्पॉट देखने लायक थे.

अलीबाग के पास बहुत ऐसे बीच थे जो की काफी सुन्दर थे, किले थे, मंदिर थे. जंगल था. राजेश के दोस्तों ने २ दिन की ट्रिप का प्लान किया। राजेश भी अपने माता-पिता से परमिशन लेकर इस ट्रिप के लिए जाने के लिए काफी उत्साहित था. क्यों की राजेश पहली बार घर से दूर २ दिन ट्रिप के लिए जानेवाला था.

आखिर ट्रिप का दिन आ गया. २ दिन के लिए इनोव्हा कार बुक की थी. ट्रिप स्टार्ट हो गयी. अलीबाग में पहुंचने के लिए शाम ५ बजने वाले थे. अलीबाग में पहुँचते वक़्त शाम के ६ बज चुके थे.

अलीबाग के पास एक गांव में उन्होंने होटल में कमरे बुक किये थे. जब वो गांव में पहुंचे तो सभी लोग अपनी दुकाने बंद कर रहे थे. इतनी जल्दी दुकाने बंद हो रही है ये देखकर सभी लोग अचंबित हो गए.

राजेश और उसके दोस्तों ने एक राह चलते आदमी से पूछा की ये दुकाने इतनी जल्दी क्यों बंद कर रहे है. उस आदमी ने बताया की इस गांव में आज के दिन एक अनहोनी घटना हुई थी. सरपंच के बेटी की हल्दी का कार्यक्रम था और उसी कार्यक्रम में गैस सिलेंडर की ब्लास्ट होने की वजह से सभी लोंगो की मौत जलकर हुई थी. हर साल इसी दिन सरपंच के घर से हल्दी के कार्यक्रम की धुन सुनाई देती है.  खाने की खुशबु की महक आती है और लड़की, छोटे बच्चे, बूढी औरते, आदमी इन सारे लोंगो की आवाज भी आती है.

इसीलिए गांव में कोई फिर से अनहोनी न हो इसके कारन सभी दुकाने आज जल्दी बंद कर दिए जाते है. इतना सब सुनते ही राजेश के सभी दोस्त डर जाते हैं. आगे वो आदमी बोलता है की समुद्र के पास सरपंच का घर है, आप नए है, इसलिए आज की रात में वहाँ जाने की हिम्मत नहीं करना।

ये कहकर वो आदमी चला जाता है. राजेश और उसके दोस्त होटल के कमरे में आते है. सभी के दिमाग में सरपंच के साथ हुई घटना की यादे चली रहती है. पर राजेश के दिमाग में कुछ अलग ही चल रहा था.

राजेश अपने दोस्तों को कहता है की आज रत हम सरपंच के घर में जाते है. असल में वहाँ कुछ होता है या सिर्फ गांव वालो का वहम है ये तो पता चल जायेगा।

सभी दोस्त आने के लिए साफ मना कर देते है और राजेश को भी जाने के लिए नहीं बोलते है. पर राजेश को पहले से ही भूतिया कहानी में इंट्रेस होने के वजह से वो दोस्तों की बात मना करके खुद अकेला जाने का निर्णय लेता है.

राजेश के सभी दोस्त सो जाते ही राजेश चुपके से टोर्च, मोबाइल और लकड़ी की काठी हात में लेकर होटल के कमरे से बाहर आता है.  गांव छोटा होने के कारन सरपंच का घर दूर से ही दिखाई देता था. एकदम समुद्र के नजदीक और आसपास नारियल की पेड़ की वजह से वो घर अलग ही दिख रहा था. ऊपर चाँद की रौशनी की वजह से ऐसा लग रहा था की उस घर में किसी ने लाइट जलाई हो.

राजेश उस घर के पास जाता है. घर तो बाहर से बहुत बड़ा दिख रहा था. घर के ऊपरी हिस्से में भी कुछ मकान दिख रहे थे. राजेश घर के आँगन में चला जाता है. निचे गिरे हुए पत्तो के कारन राजेश जैसे चलता वैसे अलग ही आवाज आती थी. समुद्र के पानी की आवाज भी जोर से आ रही थी.

राजेश घर के पहले दरवाजा के पास जाता है. दरवाजा हातोंसे से धक्का मारते ही खुल जाता है. बहुत दिनों से घर बंद होने की वजह से दरवाजा खुलने की आवाज अलग ही आती है. कोई भी वहाँ न जाने के दरवाजा पर लॉक नहीं था. अन्दर पैर डालते ही राजेश को एक गरम हवा की झोंत शरीर को महसूस होती है.

घर के अंदर जाते ही राजेश टोर्च की रौशनी से इधर उधर देखने का प्रयास करता है. फ़िलहाल तो कोई ऐसी अजीब घटना हुई नहीं थी. अचानक से राजेश को एक बकरी की आवाज सुनाई देती है. बकरी झट से भागते हुई राजेश के नजदीक से हुए बाहर जाती है. राजेश थोड़ा डर जाता है पर अगले ही वक़्त वो सिर्फ एक बकरी की वजह से डरने की सोचकर हँसता है.

राजेश ऊपरी हिस्से के मकान में जाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करता है. सीढिया लकड़ी के होने के कारन चलते ही अजीब सी आवाज दे रही होती है. ऊपर जाते ही राजेश एक कमरे में चला जाता है. कमरा बहुत ही बड़ा था. कमरे में टोर्च की रौशनी पड़ते ही राजेश को जलेबी बनाने की सुंगंध आती है.

कमरे के बाहर से लड़कियों के गाने गुनगुनाने की आवाज आने लगती है. कमरे में टोर्च फैलाकर देखते ही राजेश का टोर्च कमरे में बेड पर बैठी हुई लड़की पर जा पड़ता है. लड़की ने हल्दी कार्यक्रम पे पहनने वाली साडी पहनी हुई थी. लड़की का चेहरा राजेश के विपरीत दिशा में था. राजेश ये देखकर डर जाता है. वो जल्दी से कमरे के बाहर आता है. बाहर आते ही सामने वाला दृश्य देखकर वो शॉक हो जाता है। 

कमरे के बाहर आते ही पूरा घर एकदम सजा हुआ रहता है. सभी दीवारों पर फूल की मालाएं टंगी हुई है. छोटे बच्चे इधर उधर दौड़ रहे है. सभी औरते ऊँची साड़ी पहनी हुई है. आदमी लोग अपने अपने काम में व्यस्त है. राजेश को गैलरी से सब कुछ घर का अंदर का नजारा दिखाई देता है. वो थोड़ा आगे आता है तो निचे उसे जलेबी करने वाले आचारी जलेबी तलते हुई दिखाई देते है.

जब राजेश ने जलेबी को तलते लोगों को देखा, तो उनके शरीर आधे जल हुए थे। जब बच्चों को नीचे देखता हैं, तो बच्चों के पैर और मुंह जले हुए होते हैं। राजेश यह देखकर बहुत घबरा जाता है। वह सीढ़ियों की ओर भागने लगता है, लेकिन जब उसने वहां देखा तो सीढ़ी गायब थी। फिर राजेश आखिर ऊपर आया कैसे? यह सोचते हुए राजेश और डर जाता है ।

अचानक से कमरे से घुंगरू की आवाज आने लगती है. राजेश को पता चल जाता है की कमरे के अंदर बैठी हुई लड़की ही बाहर आती होगी। वो लड़की दरवाजे पर आती है. राजेश उस लड़की को देखकर मन्त्रमुग्ध हो जाता है. लड़की काफी सुन्दर दिखती है. वो राजेश को देखकर स्मितहास्य करती है. जब वो हंसती है तो राजेश देखता है की उसके मुँह में दाँत ही नहीं होते। और अचानक से लड़की का चेहरा पूरा जला हुआ होता है. उसके दोनों हात भी जले हुए होते है.

लड़की के हातो से जला हुआ मांस निचे टपकने लगता है. लड़की राजेश के पास हँसते हुए आती है. राजेश ये देखकर जोर से चिल्लाता है. राजेश की चिल्लाने की वजह से घर में हुए सभी लोग ऊपर राजेश की तरफ देखने लगते है. लड़की राजेश के पास आकर राजेश को ऊपर से धक्का मारती है. राजेश ऊपर की गैलरी से निचे धड़ाम से गिरता है. राजेश जलेबी तलने वालों के पास ही गिरता है.

निचे गिरते ही राजेश का पैर टूट जाता है. वो जमींन से रेंगकर ही बाहर जानेवाले दरवाजा की और जाता है. जैसे जैसे वो दरवाजा के पास जाता है वैसे ही दरवाजा फिर से उतना ही दूर चला जाता है. अब घर में रहने वाले सभी लोग राजेश को देख रहे होते है. सभी लोग जले हुए होते है. राजेश ऐसा भयावह मंजर देखकर यहाँ आने की गलती हुई ऐसा सोचता है. राजेश के पुरे शरीर से पसीना टपक रहा होता है.

राजेश रोने लगता है और घर से बाहर जाने की भिक मांगता है. ये देखकर सभी लोग जोर जोरोंसे से हंसने लगते है. उनकी इतनी भयानक हंसी देखकर और सुनकर राजेश बेहोश हो जाता है.

सुबह जब राजेश के दोस्त उसे ढूंढते हुए उस घर के पास आते है तब राजेश उन्हें घर के बाहर पड़ा हुआ दिखता है. सभी दोस्त उसको उठाकर होटल के कमरे में लेकर आते है. राजेश के मुँह पर पानी मारते ही राजेश की आँख खुलती है. राजेश सभी दोस्तों को देखकर जोर से चिल्लाता है पर जब उसे सच में यकीन हो जाता है तब वो शांत हो जाता है. रात का भयानक अनहोनी देखकर राजेश को अभी भी डर लगने लगता है.

उसी दिन सभी दोस्त अपनी ट्रिप कैंसिल करकर  अपने घर चले आते है.

पर आखिर एक बात समझ में नहीं आयी की राजेश इतने भयानक मंजर में भी बच कैसे गया ?

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ये कहानी इंग्लिश भाषा में पढ़ने के लिए यहाँ क्लीक करे....

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