Monday, 21 September 2020

Akbar birbal kahani – Sone ka Hathi, अकबर बीरबल कहानी - सोने का हाथी


एक दिन अकबर राजा को लगा की दरबार में ४-५ किलोग्राम का सोने का हाथी होना चाहिए। तो राजा ने तुरंत राज्य के अच्छे सोनार थे उनको बुलाकर अपनी इच्छा बताई।

राज्य के सभी सोनार दरबार में आये थे. उनमेंसे सिर्फ ४ सोनार ही सोने का हाथी बनाने के लिए आगे आये. बाकि सोनार थे उनको ये डर था की अगर हाथी अच्छा नहीं बना तो राजा अकबर नाराज हो जायेंगे।

राजा अकबर ने उन ४ सोनार इनके लिए विशेष रूम की व्यवस्था की और सोने का हाथी बनाने में किसी भी प्रकार की मिलावट ना हो इसके लिए उस रूम में सिपाईयोंका  कड़ा पहारा रखा.

४ सोनार सोने का हाथी बनाने के काम में जुट गए. सभी सोनार दिन में महल में काम करते और रात में अपने घर जाकर सोने के हाथी जैसा ही पीतल का हाथी बनाने में जुट जाते।

कुछ दिनों बाद उन्होंने महल में सोने का एक सुन्दर हाथी बना डाला। सोने का हाथी देखकर राजा अकबर बहुत खुश हुए. पर ४ सोनार थे वो राजा अकबर को बोले '' हे, प्रिय राजा, हमने आपका काम बहुत ही मन लगाके किया है और अगर ये हाथी आप रेत में कुछ वक़्त दबाके रखते है तो ये सोने का हाथी और भी सुन्दर दिखेगा''

राजा अकबर ने बात सुनी तो उनको सोनारों के बात पर यकीन हो गया और उन्होंने रेत में हाथी रखने के लिए इजाजत दे दी.  ४ सोनार वो हाथी यमुना के रेत में दबाने के लिए लेकर गए. साथ में सिपाईयों का कड़ा पहारा था.

४ सोनारों ने पहले ही उनके घर में पीतल का हाथी वैसे ही बनाया था. जो उन्होंने पहले ही रात में यमुना के रेत में दबाकर छुपाया था. दूसरे दिन सैनिकों के साथ वे उसी जगह गए जँहा रात में पीतल का हाथी छुपाया था. उसके बगल में ही इन्होने ने सोने का हाथी रेत में दबाकर रखा.

बाद में सैनिकों का ध्यान भटकाने के लिए आपस में झगड़ा शुरू कर दिया। सभी सोनार एक दूसरे को मैंने हाथी बनाया है और मुझे सबसे ज्यादा पैसे मिलने चाहिए ऐसा बोलकर झूठा झगड़ा चालू कर दिया।

सैनिको ने ये झगड़ा देखकर उन सभी को शांत रहने की अपील की. सैनिको का ध्यान भटकते देखकर चारो सोनार बाजु में दफनाया हुआ पीतल का हाथी यमुना के रेत से बाहर निकालते है और उसे लेकर राजा अकबर के दरबार में उनके सामने हाजिर हो जाते है.

सोने के हाथी की ऐसी चमक देखकर राजा अकबर और खुश हो जाते है और बीरबल से कहकर इन चारो सोनारों को सोने की मुद्राये देने को बोलते है.

बीरबल उन सोनारों के पास आता है और उनसे बोलता है की ये मूर्ति सच में सोने की है या पीतल की ?

बीरबल की बात सुनकर सभी सोनारों के पसीने छूट जाते है. फिर भी सभी सोनार बीरबल से कहते है की ये हाथी सोने का ही है, इसमें कोई मिलावट नहीं है.

बीरबल ये बात सुनकर बोलते है '' अच्छा, तो चलिए ये हाथी सच में सोने का है तो इसको आग में थोड़ी देर रख देते है, अगर सोने का हुआ तो आग में और चमकेगा और दूसरे धातु का हुआ तो ये हाथी काला पड़ जायेगा''

बीरबल की बात सुनकर अब चारो सोनार डरने लगते है और बीरबल को सच बताने लगते है. बाद में यमुना के रेत से सोने का हाथी निकालकर बीरबल को दे देते है.

राजा अकबर ये सभी देखकर चारो सोनारों को चाबुक से मारने की शिक्षा देते है. बीरबल की होशियारी देखकर राजा अकबर बहुत प्रसन्न हो जाते है और बीरबल को बड़ा इनाम जाहिर करते है.

ये कहानी इंग्लिश भाषा में पढ़ने के लिए यहाँ क्लीक करे...

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